पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 (Pitts india Act 1784)

1. इस एक्ट को ब्रिटिष संसद में तत्कालीन प्रधानमंत्री विलियम पिट द्वारा प्रस्तुत किया गया था।

2. इसने कंपनी के राजनैतिक और वाणिज्यिक कार्यो को पृथक-पृथक कर दिया।

3. इसने निदेषक मंडल को कंपनी के व्यापारिक मामलों के अधीक्षण की अनुमति तो दे दी लेकिन राजनैतिक मामलों के प्रबंधन के लिए नियंत्रण बोर्ड (बोर्ड आॅफ कंट्रोल ) नाम से एक नए निकाय का गठन कर दिया। इस प्रकार द्वैध षासन की व्यवस्था का शुभारंभ किया गया।

4. नियंत्रण बोर्ड को यह शक्ति थी कि वह ब्रिटिष नियंत्रित भारत में सभी नागरिक सैन्य सरकार व राजस्व गतिविधियों का अधीक्षण एवं नियंत्रण करे।

इस प्रकार यह अधिनियम दो कारणों से महत्वपूर्ण था- पहला भारत में कंपनी के अधीन क्षेत्र को पहली बार ब्रिटिश आधिपत्य का क्षेत्र कहा गया दूसरा, ब्रिटिष सरकार को भारत में कंपनी के कार्यो और इसके प्रषासन पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान किया गया।

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