शारीरिक विकास (PHYSICAL DEVELOPMENT) (ii) शैशवास्था में शारीरिक विकास (PHYSICAL DEVELOPMENT IN INFANCY),

(ii) शैशवास्था में शारीरिक विकास (PHYSICAL DEVELOPMENT IN INFANCY)

जन्म से 2 वर्ष तक शारीरिक विकास की गति अत्यन्त तीव्र रहती है। शैशवावस्था में शारीरिक विकास की सार्थकता तथा प्रकृति विभिन्न आयु के शिशुओं के अवलोकन से तथा उनसे संबंधित अनुसंधानों के परिणामों से ज्ञात हो सकती है।

1.लम्बाई (सेमी0 में):-
जन्म के समय                               1 वर्ष                          2 वर्ष
बालक     51.5                                          73.9                           88.6
बालिका   51.0                                          72.5                          80.1
2.भार (किग्रा. में):-

जन्म से समय शिशु का वजन लगभग 3.0 किग्रा0 होता है।
जन्म के समय                                           1 वर्ष                   2 वर्ष
बालक        3.2                                                         8.4                      10.1
बालिका      3.0                                                         7.8                       9.6

3. सिर तथा मस्तिष्क (Head & Brain):- नवजात (Neonate) के सिर का वनज 350 ग्राम होता है प्रथम दो वर्षों में सिर की लम्बाई तथा आकार में तीव्र वृद्धि होती है

4. हड्डियाॅं (Bones):- प्रारम्भ में हड्डियों की संख्या 270 होती है। जन्म के समय हड्डी कोमल (Soft), छोटी तथा लचीलों (Pliable) होती हैं। शैशवास्था में कैल्शियम, फास्फोरस एवं अन्य खनिज को पाकर ये धीरे-धीरे कठोर एवं मजबूत हो जाती हैं। इस प्रक्रिया को अस्थिकरण अथवा अस्थि दृढ़ीकरण (Ossification) कहते हैं।
बालक की तुलना में बालिकाओं में अस्थिकरण अधिक शीघ्र होता है।
शरीर के अन्दर की कुछ झिल्लियाॅं बाद में हड्डियों का रूप धारण कर लेती हैं तथा कुछ हड्डियाॅं मिलकर एक हो जाती हैं। इस कारण हड्डियों की संख्या में परिवर्ततन होता रहता हैं।

5. दाॅंत (Teeth):- छठे या सातवें महीने में बालक के अस्थायी दूध के दाॅंत (Deciduous Teeth) निकलने लगते हैं। एक वर्ष तक दूध के सभी 20 दाॅंत निकल आते है।

6. मांसपेशियाॅं (Muscles):- जन्म के समय मांसपेशियों का भार कुल शरीर का 23 प्रतिशत होता है

7. हृदय की धड़कन (Heart Beat):- हृदय, का आकार जैसे-जैसे बढ़ता जाता है धड़कन में स्थिरता आती जाती है। प्रथम माह में धड़कन 1 मिनट में 140 बार जो क्रमशः घटती जाती है।

8. गामक नियंत्रण (Motor Control):-

1. एक माह का बालक (शिशु) पेट के बल लेटे होने पर ठोढ़ी ऊपर उठाता है दूसरे एवं तीसरे माह से शिशु अपने नेत्रों को क्षैतिज (Horizontal) घुमाना सीख लेता है जबकि चैथे माह में ऊध्र्व (Vertical) तथा पाॅंचवे माह में शिशु गोलाकार (Circular) घुमाने में सफलता प्राप्त कर लेता है। जन्म के एक सप्ताह बाद ही शिशु मुस्कुराने की सहज क्रिया दर्शाने लगता है।

2. छह माह का बालक (शिशु) कुर्सी पर बैठ जाता है।

3. 9 माह का बालक (शिशु) सामान पकड़कर खड़ा हो जाता है।

4. 12 माह का शिशु सामान पकड़कर चलने लगता है।

5. 15 माह का शिशु अकेले चलने लगता है।

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